अपराघ से कैसे बचें और अपराधियों पर कैसे कार्यवाही,पुलिस से दोस्ती कैसे छात्र छात्राओं ने भगाया अपना भय
कोरबा। जिले के मानिकपुर क्षेत्र स्थित बीकन स्कूल के छात्र-छात्राओं को पुलिस व्यवस्था से परिचित कराने के उद्देश्य से मानिकपुर चौकी का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को थाना और चौकी की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा पुलिस के दैनिक कार्यों से अवगत कराया।
भ्रमण के दौरान पुलिस कर्मियों ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी अपराध या आपातकालीन स्थिति में पुलिस किस प्रकार कार्य करती है और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है। बच्चों को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, गश्त व्यवस्था, अपराध की जांच और कानून व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में सरल और सहज भाषा में समझाया गया।
मानिकपुर चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर ने बताया कि विद्यार्थियों को यह भी बताया कि यदि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि देखते हैं या किसी परेशानी में होते हैं तो बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें। साथ ही उन्हें साइबर अपराध, सड़क सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया गया।
इस दौरान बच्चों ने पुलिस चौकी के विभिन्न विभागों को करीब से देखा और पुलिस अधिकारियों से कई सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने बड़े ही मित्रवत अंदाज में जवाब दिया। इससे बच्चों के मन में पुलिस के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई और उनका उत्साह भी बढ़ा।
पुलिस ने बताया कि छात्र-छात्राओं से संबंधित जो योजनाएं चल रही है उनके बारे में जानकारी दी गई बेड टच गुड टच, खुद की आत्म रक्षा कैसे करें, पुलिस की कार्यप्रणाली, मालखाना,बंदी घर अन्य कानूनी जानकारी दी गई।
इस संबंध में स्कूल की शिक्षिका कल्पना मिश्रा ने बताया कि बच्चों और पुलिस के बीच दोस्ताना संबंध विकसित करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अक्सर बच्चों के मन में पुलिस को लेकर डर की भावना होती है, लेकिन ऐसे कार्यक्रमों से यह डर खत्म होता है और बच्चे पुलिस को अपना मित्र और सहयोगी के रूप में देखने लगते हैं।
छात्र-छात्राओं ने बताया कि पुलिस चौकी और थाने की बात सुनते हैं जिस तरह से लोगों के मन में डर और भय होता है उन्हें भगाया गया और उनके कार्य प्रणाली को देखने और जानने को मिला यह एक अच्छी पहल है।
उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को अपराध और कानून से जुड़ी बुनियादी जानकारी देना भी आवश्यक है, ताकि वे सही-गलत की पहचान कर सकें और भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकें। इस शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों को नई जानकारी के साथ-साथ पुलिस व्यवस्था को समझने का भी बेहतर अवसर मिला।
